Thursday, September 7, 2023

कृष्ण एक विद्रोही थे

कृष्ण कोई ईश्वर नही थे एक विद्रोही मनुष्य थे। 
विद्रोही जो स्वर्ग की सत्ता के विरुद्ध, 
उंगली पर पर्वत उठाए खड़ा हो गया था। 
विद्रोही जो कंश के अत्याचारों के विरुद्ध
 उसके ही नगर में जाकर खड़ा हो गया था।
 विद्रोही जो स्त्रियों की मुक्ति के लिए 
जरासंध के विरुद्ध खड़ा हो गया था।
 विद्रोही जो स्त्री के सम्मान के लिए 
कुरु साम्राज्य के विरुद्ध खड़ा हो गया था। 
विद्रोही जो प्रेम के लिए सामाजिक 
रूढियों के विरुद्ध खड़ा हो गया था। 
विद्रोही जो मटकियां फोड़ता था 
नगर जाते गांव के दुग्ध को रोकने के लिए।

विद्रोही नही जाते हैं वन में 
वर्षों तप करके किसी 
रहस्य को जानने के लिए 
विद्रोही समाज मे रहकर ही ख
ड़े हो जाते हैं उसके सुधार के लिए।

12 comments:

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में" रविवार 10 सितंबर 2023 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद! !

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    1. आपका बहुत आभार आदरणीय यशोदा जी🙏🌻

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  2. बहुत खूबसूरत

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  3. बहुत सुंदर, कृष्ण को सही और अनोखे ढंग से परिभाषित किया है आपने

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    1. आपका बहुत धन्यवाद अनीता जी स्वागत हैं आपका ब्लॉग पर🌻

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  4. सार्थक और सुंदर प्रस्तुति

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    1. बहुत धन्यवाद सर आपका। हमारे बड़े भईया ने लिखा है।

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  5. नमन है ऐसे विद्रोहियों को ... कृष्ण अपनाप में जीवन हैं, माया है, यथार्थ हैं ...

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