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Saturday, February 20, 2021

देश विरोधी तत्वों से सावधान रहे

अरे लगता है ये उलुल - जुलुल बयान देने वाले सुधरेंगे नहीं। बिना सोचे समझे जो मन में आता है वहीं बक देते है। फिर वो देश के पूर्व प्रधामंत्री राजीव गांधी की हत्या को लेकर ही क्यों न हो। इनका पुत्र कहता है "मैं अपने पिता के हत्यारो को माफ करता हूं।" सत्ता पाने के लिए ये लोग न जाने कितना गिरेंगे। खैर इन महाशय को एक बात पता होना चाहिए कि वो भारत के प्रधानमंत्री थे जिनके कंधों पर राष्ट्र का भार सौंपा गया था भारत के नागरिकों  द्वारा। अतः  उनकी हत्या देश के लोकतंत्र की हत्या थी। मूर्खो को यह बात जितनी जल्दी समझ में आ जाए उतना ही बढ़िया  है कि देश तोड़ने वाले मृत्युदंड के पात्र है माफी के नहीं। 
पिछले महीने तथाकथित किसान आंदोलन के दौरान एक खालिस्तानी समर्थक कह रहा था जनरल वैद्य को ठोक दिए, इंदिरा गांधी को ठोक दिए ये मोदी क्या चीज है? आंदोलन के नाम पर यही उलुल - जुलुल दुष्प्रचार किया जा रहा है। देश के प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश रची जा रही है! इसको लेकर  सतर्क रहने कि जरुरत है।

भारत माता की जय और वन्देमातरम के नारों से चिढ़ने वाले लोग अपने घटिया बयानबाजी से बाज नहीं आते है। जो धरा इनका पालन पोषण करती है उसी के साथ ये तथाकथित विदेशी  विचारधारा से प्रेरित लोग विश्वासघात करते है। माता का दूध पीने नाम पर छाती में दात गड़ाकर खून पीने को तत्पर इन दुष्टों का सर्वनाश करना बेहद जरूरी हो गया है। इनके समर्थन में जितने लोग आते है सबके ऊपर उचित कार्रवाई करनी चाहिए सरकार द्वारा। देश को तोड़ने वाली आवाजे जो विश्वविद्यालयो में  बैठे विदेशी विचारधारा से प्रेरित वामपंथी उठा रहे है जिसे क्रांति का नाम दिया जा रहा है, बहुत खतरनाक एवं घातक है। जीभ काट लेनी चाहिए इनकी ताकि कोई ऐसा दुस्साहस न कर सके। भारतीय छात्र जो इस विदेशी विचारधारा से प्रेरित है उन्हे अपने सुनहरे भविष्य को देखते इसका त्याग करना चाहिए अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे।
 संकीर्ण मानसिकता वाले से  उचित दूरी बनाकर रखने कि आवश्यकता है। ये पूरी कोशिश करते है सबको अपने जाल में फसाने की। इनका काम लोगो भटकाना और भड़काना रहता है ताकि किसी तरह इनकी घटिया राजनीति चलती रहे।
 इनके साथ वाद- विवाद में पड़ना ही नहीं चाहिए। ये अपना स्तर इतना नीचे गिरा देते है कि सामने वाले को मूर्ख और अपने को विद्वान बताने लग जाते है। ये वही लोग है जो सरकार का  विरोध करते - करते  देश विरोधी बाते करने लग जाते है। इनके साथ बहस करके ज्ञानी व्यक्ति भी मूर्ख सिद्ध हो जाता है। देश तोड़ने वाले लोगो के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है नहीं तो आने वाली बर्बादी को कोई रोक नहीं सकता और अखण्ड भारत का उद्देश्य मात्र एक स्वप्न बनकर रह जाएगा।